Sunday, September 20, 2026

“मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है।” युगऋषि, महान आध्यात्मिक चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक परम पूज्य आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। आचार्य श्रीराम शर्मा जी ने अपने तप, त्याग, साधना और विचार-क्रांति के माध्यम से मानव जीवन को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने गायत्री साधना को जन-जन तक पहुँचाया और सेवा, सद्भावना, आत्मपरिष्कार एवं राष्ट्र-निर्माण को सच्ची आध्यात्मिकता का आधार बताया। उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि परिवर्तन की शुरुआत दूसरों से नहीं, स्वयं से होती है। जब विचार श्रेष्ठ हों, चरित्र उज्ज्वल हो और कर्म लोकमंगल के लिए समर्पित हों, तब एक सामान्य मनुष्य भी युग-निर्माण का माध्यम बन सकता है। इस पावन अवसर पर आइए, हम उनके विचारों को केवल स्मरण ही नहीं, बल्कि अपने आचरण में उतारने का संकल्प लें। परम पूज्य गुरुदेव की जयंती पर शत-शत नमन। 🙏 डॉ. सुरेश के. पाण्डेय डॉ. विदुषी शर्मा सुवि आई हॉस्पिटल एवं लासिक लेज़र सेंटर, कोटा #पंडितश्रीरामशर्माआचार्य #श्रीरामशर्माआचार्य #युगऋषि #गायत्रीपरिवार #अखिलविश्वगायत्रीपरिवार #गायत्रीमंत्र #युगनिर्माण #विचारक्रांति #शांतिकुंज #आध्यात्मिकचेतना #राष्ट्रनिर्माण #PanditShriramSharmaAcharya #GayatriParivar #AllWorldGayatriParivar #YugNirman #SpiritualAwakening #DrSureshKPandey #DrVidushiSharma #SuViEyeHospitalKota

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